कितने प्रकार के फ्यूज होते है?

फ्यूज कितने प्रकार के होते है यह जान ने से पहले ये जान ते है की इसकी खोज किसने और कब किती?

तो अगर हम बात करे की फ्यूज की खोज कब हुयीथी तो सन १८९० में हुईथी।

और इसके खोजक थॉमस एलवा एडिसन थे।

अभी २०२१ में कई तरीके के फ्यूज बाज़ार में मिलते है, पर हम आपको बता दे की फ्यूज कितने भी प्रकार क्र क्यों ना हो पर सभी फ्यूज एक तरीके का काम ही करते है।

अगर हम बात करे की फ्यूज कैसे काम करता है तो जब भी शोर्ट सर्किट होता है, या भीत बिजली के लोड में भेद होता है तब फ्यूज में मोजूद वायर पिखाल जाता है।

इसके पिखाल ने का कारन है ज्याद बिजली यह भीर बिजली की मात्र ज्यादा होजाने से जो गर्मी उत्पन होती है उसके कारन फ्यूज का वायर गर्म होकर पिखाल जाता है उसके कारन बिजली की सप्लाई रुक जाती है और उपकरणों बिजली नहीं पहुच पाती।

और बिजली ना पहुचने के कारन सभी उपकरण बिगड़ ने से बाख जाते है।

अगार हम बात कर फ्यूज के प्रकार की तो मार्किट में अलग अलग प्रकार के फ्यूज मिलते है।

आपको जानके ख़ुशी होगी की फ्यूज को AC और DC दोनों में इस्तमाल होता है।

अगर आपको मालूम नहीं है तो आपको बतादे की फ्यूज को दो कतेगोरिएस में अलग किया जा सकते है उनकी बिजली  सप्लाई करने की क्षमता पर।

  1. Dc फ्यूज 
  2. AC फ्यूज 

AC फ्यूजऔर Dc फ्यूज में थोड़ा सा अंतर् है।

Dc फ्यूज :

जब बिजली की मात्र ज्याद होती है तब फ्यूज में मोजूद वायर गरम हो कर पिखाल जाता है। जब फ्यूज में मोजूद वायर गर होता है तब अर्क उत्पन होती है जिसको बजाना मुस्किल होता है। और Dc फ्यूज AC फ्यूज की तुलना में थोडा बड़ा होता है।

AC फ्यूज :

बिजली जब ५० से ६० Hz पर होती है तो वह ० से ६० गुना अम्प्लितुइद बदल हटी है, इसके कारन Ac फ्यूज Dc की तुलना में छोटे होते है।

D – प्रकार का कार्ट्रिज फ्यूज :

यह फ्यूज तब सर्किट पूरी करता है जब कंडक्टर फ्यूज के सम्पर्क में आता तब, इस फ्यूज में एक कार्ट्रिज, कैप, अदोप्टर रिंग और बसे आता है, कार्ट्रिज फ्यूज कैप के अंदर होती है और फ्यूज का जो बसे होता है वह फ्यूज कैप से जुड़ा होता है।

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फ्यूज के फायदे और नुकसान क्या हैं?

फ्यूज के बिजली सप्लाई करने की कैपेसिटी यानी क्या?

फ्यूज के बिजली सप्लाई करने की कैपेसिटी का मतलब है की एक तय की गयी क्षमता तक ही फ्यूज बिजली हो सप्लाई कर सकता बिना सर्किट में दखल अंदाजी किये बिना।

फ्यूज की ब्रेकिंग कैपेसिटी यानी क्या?

ब्रेकिंग कैपेसिटी यानी की जब अथिक मात्र में बिजली आसानी से फ्यूज के वायर को पिख्लादे जिसके कारन जयाद बिजली उपकरणों तक ना पहुच सके और आपके उपकरण बिगड़े ना सरल भासा में हम इसे फ्यूज की ब्रेकिंग कैपेसिटी कहते है।

मुझे उम्बामीद है की आपको अब थोडा ज्ज़ाञान फ्रयूज के प्रकार पर मिल गया होगा और कई प्रकार के फ्यूज आते है जिसकी चर्चा हम हमारे अगले आर्टिकल में करेंगे, और हमें उम्मीद है की आपको हमारा यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा तो भीर मिलते है अगले आर्टिकल।

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